इमरजेंसी के 51 साल, पटना के ज्ञान भवन में आयोजित हुआ "संविधान हत्या दिवस" कार्यक्रम

पटना के ज्ञान भवन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा आयोजित हुआ "संविधान हत्या दिवस" कार्यक्रम। यह कार्यक्रम 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की 51वीं बरसी के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसे केंद्र सरकार ने "संविधान हत्या दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

इमरजेंसी के 51 साल, पटना के ज्ञान भवन में आयोजित हुआ "संविधान हत्या दिवस" कार्यक्रम
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कार्यक्रम की प्रमुख बातें

  • कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ और इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, लोकतंत्र सेनानी तथा आम नागरिक शामिल हुए।
  • मुख्य अतिथि के रूप में Jagat Prakash Nadda (जेपी नड्डा) उपस्थित रहे।
  • कार्यक्रम में लगभग 450 जेपी सेनानियों (लोकतंत्र सेनानियों) और आपातकाल विरोधी आंदोलन से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया।
  • बिहार सरकार की ओर से Samrat Choudhary सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

नेताओं के भाषण में क्या कहा गया?

  • जेपी नड्डा ने कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर गंभीर हमला था तथा उस दौर को देश के इतिहास का "काला अध्याय" बताया। उन्होंने पटना और गांधी मैदान को लोकतंत्र बचाने के आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
  • प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी संदेश जारी कर कहा कि आपातकाल संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला था तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इतिहास को याद रखना आवश्यक है।
  • भाजपा नेताओं ने आपातकाल के दौरान प्रेस सेंसरशिप, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगे प्रतिबंधों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को 1975-77 के आपातकाल की घटनाओं से अवगत कराना, लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को समझाना और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराना था। NBC 24 के लिए अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट।